ज़रा सा क्या उतरे तुम्हारे दिल में डूबते चले जा रहे है!
क्योंकि तन्हाई से अब प्यार सा हो गया है।”
तेरा ख्वाब ही अब मेरी हर रात का असर है।”
खुली खर्राटे, बंद होंठ, उखड़ी सांसें और गुस्से की गुर्राहट۔
जिंदगी में अकेले कैसे खुश रहना है ये खुद को सिखा रहा हूं।।
कभी तकिया इधर रक्खा कभी तकिया उधर रक्खा.
खुशमिजाज दोस्तों के बगैर अच्छी नहीं लगती
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !
हर राह आसान हो जायेगी मंजिल की डगर है तुझमे।
खो बैठते है होश अपने जब होते है LATEST SHAYARI COLLECTION तेरी बाहों मै!
मोहब्बत में थोड़ी बहुत वफा बाकी रहनी चाहिए।
क्या तुम्हें शिकायत है कि मूर्तिपूजा हराम है, अली हसन
प्यार करना गुनाह है इसलिए हमसे गलती हो गई
तेरे बिना जिंदगी अधूरी लगती है,जैसे धड़कन बिना दिल कुछ नहीं होती।